अब तो जीना है आपकी यादों के साथ

जब आंखों में किसी की याद होती है
तो निंद कहा से आती है,
मालूम है मुझे की ये इश्क़ नही है
कभी न पूरी हो ऐसा ही एक ख्वाब है।

बारिस की बूंदे के साथ
एक नई आस आयी है
शायद तुझे भी किसी की याद आयी हो
ऐसी दिल से एक आवाज आई है।

ये हवाएं बूंदों के साथ मिलकर
वादियों में एक ताजगी लायी है
ये ताजगी भी दिल को सुकून नही देगी,
क्योंकि इसे बस तेरी जरूरत है।

हे परवरदिगार! मुझे माफ कर
मैं उनको नहीं,
उनके यादों को चाहने लगा हूँ।
इन्ही जजबातों के साथ जीने लग गया हूँ।

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