सच्ची दोस्ती

आपकी मुस्कुराहट कितने ग़मों को दबाये है,
आपकी आंखों में कितने सपने संजोये हुए हैं,
सपनों के सागर में कस्ति बेहतहाश  है,
फिर भी आपके चेहरे पे स्मित की आश है ।

आपकी ये ग़म ही आपकी ताकत है,
आपको देख कर नही लगता है
कि कितनी जज्बा है आप में,
हो कितनी भी चुनौतियाँ क्यों नहीं,
हो जाती हैं धराशायी आपके सामने।

ये दुनिया मे मुसीबतों की कोई कमी नही है,
मैंने तो जीने की चाह छोड़ दी थी,
आपकी हौसला को देखा तो
जीवन की रागिनी में एक धुन छिड़ी थी।

मुझमे भी जीने की एक आश जगी है,
क्योंकि...
एक सच्ची दोस्ती भूतनी से हुई है।

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